". राजस्थान के पर्यटन स्थल ~ Rajasthan Preparation

राजस्थान के पर्यटन स्थल


राजस्थान के पर्यटन स्थल 

🔶️राष्ट्रीय पर्यटन दिवस - 25 जनवरी 

🔶️04 मार्च 1989 मे युनूस समिति की सिफारिश पर राजस्थान मे पर्यटन को उद्योग का दर्जा दिया गया, ऐसा करने वाला राजस्थान देश का पहला राज्य है।

🔶️राजस्थान की प्रथम पर्यटन नीति- 2001, सर्वप्रथम पर्यटन नीति जारी करने वाला राज्य राजस्थान है।

🔶️राजस्थान की वर्तमान पर्यटन नीति- 2015

🔶️पाटा - यह भारत में पर्यटन से संबंधित सर्वोच्च पुरस्कार है जो 2010 में राजस्थान को प्राप्त हुआ।

🔶️राजस्थान पर्यटन का वर्तमान शुभंकर - पधारो नी म्हारे देश, 1993 मे ललित के पंवार द्वारा यह शुभंकर जारी किया गया।

🔶️राजस्थान पर्यटन का प्रथम शुभंकर- ढोलामारू (मोनोग्राम), 1978

🔶️2008 मे पर्यटन का शुभंकर "कलरफुल राजस्थान" एवं 2016 से 2019 तक शुभंकर "जाने क्या दिख जाए" था।

🔶️राजस्थान पर्यटन का ध्येय वाक्य - राजस्थान भारत का अतुल्य राज्य 

🔷️राजस्थान मे पर्यटन सर्किट- राजस्थान मे कुल 10 पर्यटन सर्किट है।

1) मरू सर्किट - जोधपुर, बीकानेर, जैसलमेर व बाडमेर, बाडमेर जिले को बाद मे शामिल किया गया था इससे पहले इसे मरू त्रिकोण कहा जाता था।

2) ढुंढाड सर्किट- जयपुर, आमेर, सामोद, आभानेरी, दौसा

3) मेरवाडा सर्किट/वाड सर्किट- पुष्कर, अजमेर, मेडता, नागौर

4) मेवात् सर्किट- अलवर, भरतपुर, सवाई माधोपुर, रणथंभौर, टोंक 

5) हाडौती सर्किट- कोटा, बुंदी व झालावाड़ 

6) रणकपुर सर्किट- माउण्ट आबू, जालौर व रणकपुर 

7) वागड सर्किट- डुंगरपुर व बाँसवाडा

8) मेवाड सर्किट- उदयपुर, चित्तौड़गढ़, राजसमंद, नाथद्वारा, जयसमंद, कुंभलगढ व डुंगरपुर  

9) शेखावाटी सर्किट- सीकर, चुरू व झुंझनूं 

10) राजधानी सर्किट- अलवर, सीलीसेढ, सरिस्का, डीग, बांसेडी (धौलपुर), यह राजस्थान का सबसे नवीनतम सर्किट है।

🔷️राजस्थान मे देवस्थान विभाग के धार्मिक सर्किट 

कृष्णा सर्किट - इसमे 6 स्थान शामिल है-

1) गोविन्ददेवजी मंदिर- जयपुर 

2) खाटुश्याम जी मंदिर- सीकर 

3) श्रीनाथजी मंदिर- राजसमन्द 

4) गलताजी मंदिर- जयपुर 

5) चरण मंदिर- जयपुर 

6) कनक वृंदावन मंदिर- जयपुर 

मेवाड - वागड धार्मिक सर्किट- उदयपुर-डुंगरपुर 

बुद्धा सर्किट - जयपुर-झालावाड़ 

🔶️पर्यटन सहायता बल - स्थापना - अगस्त 2000

🔶️पर्यटको को सुविधा देने हेतु 1982-83 मे शाही रेलगाड़ी 'पैलेस ऑन व्हील्स' की शुरूआत की गई, इसे ही द ओरिएंटल एक्सप्रेस कहा जाता है, 1995 मे इसका नाम पहियो पर चलने वाला राजमहल किया गया।

🔶️फेरी क्वीन रेलगाड़ी- 2003 मे शेखावाटी क्षेत्र में चलाई गई।

🔶️राॅयल राजस्थान ऑन व्हील्स - 11 जनवरी 2009

🔶️द ग्रेट अरावली सफारी प्रस्तावित है।

🔶️भारत मे अवकाश बिताने हेतु सर्वश्रेष्ठ स्थल उदयपुर को माना गया है।

🔶️पेइंग गेस्ट योजना  - 1991

🔶️ह्रदय योजना- इसका संबंध अजमेर जिले से है।

🔶️प्रसाद योजना- इसका संबंध पुष्कर (अजमेर) से है

🔷️राजस्थान पर्यटन निदेशालय 

स्थापना- 1955

मुख्यालय- जयपुर

🔷️ राजस्थान पर्यटन विभाग 

स्थापना-1956

मुख्यालय - जयपुर 

🔷️राजस्थान पर्यटन विकास निगम (RTDC)

स्थापना- 1978

मुख्यालय- जयपुर 

पर्यटक - इन्हें दो प्रकार से वर्गीकृत किया गया है।

1) स्वदेशी पर्यटक

सर्वाधिक स्वदेशी पर्यटक राजस्थान मे पुष्कर (अजमेर) आते है, राजस्थान आने वाला हर 7 वाँ स्वदेशी पर्यटक यहाँ आता है।

राजस्थान मे सर्वाधिक स्वदेशी पर्यटक जुन माह एवं न्यूनतम जुन माह मे आते है।

राजस्थान मे सर्वाधिक स्वदेशी पर्यटक उत्तर प्रदेश एवं गुजरात से आते है।

2) विदेशी पर्यटक 

भारत मे सर्वाधिक विदेशी पर्यटक फ्रांस से आते है एवं भारत आने वाला हर 5 वाँ विदेशी पर्यटक राजस्थान आता है।

राजस्थान मे सर्वाधिक विदेशी पर्यटक (आमेर) जयपुर मे आते है।

राजस्थान मे सर्वाधिक विदेशी पर्यटक मार्च मे एवं न्यूनतम जुन माह मे आते हैं।

🔷️पर्यटन संभाग - राजस्थान मे कुल 4 पर्यटन संभाग है।

1) अजमेर 

2) जोधपुर 

3) उदयपुर 

4) कोटा 

🔶️सोनारगढ किला (जैसलमेर) भारत के 7 अजूबो मे शामिल है।

🔶️भारतीय पुरातत्व एवं सर्वेक्षण विभाग ने ब्रह्मा मंदिर को राजस्थान का पहला राष्ट्रीय स्मारक घोषित किया।

🔶️नीमराना बावडी (अलवर) को भी 2018 मे राष्ट्रीय स्मारक घोषित किया गया है।

जयपुर के प्रमुख पर्यटन स्थल 

आमेर का किला

नाहरगढ किला

जयगढ

जलमहल

चन्द्रमहल

जंतर मंतर 

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