". अक्षांश व देशांतर ~ Rajasthan Preparation

अक्षांश व देशांतर


अक्षांश व देशांतर 

  • पृथ्वी पर किसी देश या स्थान का निर्धारण करने हेतु वहा के  अक्षांश एवं देशांतर का अध्ययन किया जाता है।
  • अक्षांश एवं देशांतर रेखाओ का निर्धारण कोणिय रूप मे किया जाता है।
  • पृथ्वी के अपने अक्ष पर पश्चिम से पूर्व घुमने से दो प्राकृतिक संदर्भ बिंदु प्राप्त होते है - उत्तरी ध्रुव व दक्षिणी ध्रुव।

अक्षांश रेखाएँ 

  • भूमध्य रेखा को आधार मानकर उसके समानांतर खींची गई रेखाओ को अक्षांश रेखा कहा जाता है।
  • पृथ्वी पर कुल अक्षांशो की संख्या - 181 (90 उत्तरी अक्षांश + 90 दक्षिणी अक्षांश + 1 भूमध्य रेखा)
  • पृथ्वी पर कुल अक्षांश रेखाओ की संख्या- 179 (क्योंकि 90° अक्षांश केवल एक बिंदु के रूप मे है रेखा नही है।)
  • दो अक्षांश रेखाओ के मध्य अंतर - 1° (1° = 111 km)
  • दो अक्षांश रेखाओ के मध्य का भाग कटिबंध कहलाता है।

कुछ महत्वपूर्ण अक्षांश 

  • 90° उत्तरी अक्षांश - उत्तरी ध्रुव 
  • आर्कटिक वृत - 66.30° उत्तरी अक्षांश 
  • कर्क रेखा - 23.30°उत्तरी अक्षांश 
  • भूमध्य/विषुवत रेखा- 0° 
  • मकर रेखा- 23.30° दक्षिणी  अक्षांश 
  • आर्कटिक रेखा- 66.30° दक्षिणी अक्षांश 
  • 90° दक्षिणी अक्षांश- दक्षिणी ध्रुव  
महाद्वीप व उनसे गुजरने वाली अक्षांश रेखाएँ 
  • एशिया - आर्कटिक रेखा, कर्क रेखा, भूमध्य रेखा 
  • अफ्रीका - मकर रेखा, कर्क रेखा, भूमध्य रेखा 
  • उत्तरी अमेरिका- आर्कटिक रेखा, कर्क रेखा 
  • दक्षिण अमेरिका- मकर रेखा, भूमध्य रेखा 
  • युरोप- आर्कटिक रेखा 
  • आस्ट्रेलिया- मकर रेखा 

देशांतर रेखाएँ 

  • उत्तरी ध्रुव तथा दक्षिणी ध्रुव को मिलाने वाली काल्पनिक रेखाओ को देशांतर रेखाएँ कहा जाता है।
  • 0° देशान्तर के निर्धारण हेतु 1884 मे वाशिंगटन डि सी मे एक सम्मेलन आयोजित हुआ, जिसमे इंगलैंड के ग्रीनविच नामक स्थान पर स्थित शाही खगोलशाला से 0° रेखा का निर्धारण किया गया।
  • 0° देशान्तर को ग्रीनविच रेखा/याम्योत्तर रेखा/प्रधान मध्यान्ह रेखा कहा जाता है।
  • देशांतर रेखाओ की कुल संख्या- 360
  • दो देशांतर रेखाओ के मध्य अधिकतम दुरी - 1° भूमध्य रेखा पर (1°= 111.32Km)
  • दो देशांतर रेखाओ के मध्य न्यूनतम दुरी- 1° ध्रुवो पर (1°=0Km)
  • दो देशांतरो के मध्य का भाग गोर कहलाता है।
  • जहाँ पर कटिबंध एवं गोर आपस मे काटते है उसे ग्रीड कहा जाता है।
  • अटलांटिक महासागर मे भूमध्य रेखा एवं ग्रीनविच रेखा आपस मे काटती है।

अन्तर्राष्ट्रीय तिथि रेखा

  • 1884 मे वाशिंगटन डि सी मे एक सम्मेलन आयोजित हुआ, इसमे 180° रेखा को अंतर्राष्ट्रीय तिथी रेखा घोषित किया।
  • अंतरराष्ट्रीय तिथी रेखा प्रशांत महासागर से होकर गुजरती है, यह बेरिंग जल संधि से प्रशांत महासागर में प्रवेश करती हैं।
  • यह देशांतर रेखा टेढ़ी-मेढ़ी है।
  • प्रति 15° देशान्तर के अंतराल पर पृथ्वी पर टाइम जोन बदल जाता है।
  • सर्वाधिक टाइम जोन - रूस (11)
  • भारत मे कुल टाइम जोन - 1

दो देशांतरो के मध्य 4 मिनट का समय अंतराल होता है।

भारतीय मानक समय = 82-1/2° पूर्वी देशांतर (नैनी)

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