". राजस्थान के उद्योग ~ Rajasthan Preparation

राजस्थान के उद्योग


राजस्थान के उद्योग 

राजस्थान मे वर्तमान में 36  जिला उद्योग केंद्र  (डीआईसी) कार्यरत हैं और क्षेत्र के लघु उद्योगों की जरूरतों को पूरा करने के लिए 8 जिला उद्योग उप-केंद्र है।

उद्योगो के प्रकार

खनिज की उपलब्धता के आधार पर

1) कृषि आधारित 

  • वे उद्योग जिनमे कच्चा माल हमे कृषि या कृषि संबंधी गतिविधियों से प्राप्त होता है।

सुती वस्त्र उद्योग 

  • यह राजस्थान का सबसे प्राचीन एवं परंपरागत संगठित उद्योग है।
  • यह रेलवे के बाद राजस्थान में दूसरे स्थान पर रोजगार प्रदान करने वाला उद्योग है।

प्रथम कारखाना 

  • स्थापना - ब्यावर (अजमेर),1889
  • उद्यम - दी कृष्णा मिल्स 

स्वतंत्रता से पूर्व स्थापित कारखाने

  • दी कृष्णा मिल्स- ब्यावर (अजमेर),1889
  • भी एडवर्ड मिल्स - ब्यावर (अजमेर) 1906
  • श्री महालक्ष्मी मिल्स - ब्यावर (अजमेर) 1925
  • दी मेवाड़ टैकटाइल मिल्स, भीलवाड़ा, 1938
  • महाराजा मिल्स, पाली, 1942
  • शार्दुल टैक्सटाइल मिल्स श्रीगंगानगर, 1946

राजस्थान मे स्वतंत्रता के पश्चात् स्थापित नीजी उद्योग 

  • श्री आदित्य काॅटन मिल्स - किशनगढ़, अजमेर
  • श्री विजय काॅटन मिल्स- विजयनगर 
  • राजस्थान सहकारी निगम - गुलाबपुरा, भीलवाड़ा 
  • उदयपुर टेक्सटाइल मिल्स, उदयपुर 
  • राजस्थान टेक्सटाइल मिल्स, भवानी मंडी
  • श्री गोपाल टेक्सटाइल मिल्स, कोटा

राजस्थान मे स्वतंत्रता के पश्चात् स्थापित सहकारी उद्योग

  • सुती वस्त्र उद्योग को सहकारी क्षेत्र का दर्जा 1965 मे दिया गया।
  • राजस्थान सहकारी कताई मिल गुलाबपुरा भीलवाड़ा 1965
  • श्रीगंगानगर सहकारी कताई मिल्स, हनुमानगढ़, 1978
  • गंगापुर सहकारी कताई मिल - गंगापुर (भीलवाड़ा),1981
  • राजस्थान सहकारी कताई मिल्स

1974 मे राष्ट्रीय वस्त्र निगम द्वारा तीन उद्योगो को सार्वजनिक क्षेत्र का दर्जा दिया गया।

  • दी एडवर्ड मिल्स 
  • महालक्ष्मी मिल्स
  • श्री विजय काॅटन मिल्स 
  • राजस्थान में सर्वाधिक सूती वस्त्र कारखाने भीलवाड़ा में स्थित है, इसीलिए भीलवाड़ा को राजस्थान का मैनचेस्टर एवं वस्त्र नगरी कहा जाता है।

SPINFED (स्पीनफेड)

  • राजस्थान राज्य सहकारी स्पिनिंग एंड जिनिंग मिल्स संघ
  • स्थापना- जयपुर,1 अप्रैल 1993
  • इसकी स्थापना राजस्थान में नीजी एवं सहकारी सूती वस्त्र उद्योग का संचालन निर्देशन एवं नियंत्रण हेतु की गई।

चीनी उद्योग 

प्रथम कारखाना 

  • स्थापना-1932
  • उद्यम - दी मेवाड़ शुगर मिल्स भोपालसागर, चित्तौड़गढ़
  • यह निजी क्षेत्र में स्थापित किया गया।

दुसरा कारखाना

  • दी गंगानगर शुगर मिल्स, गंगानगर ,1956
  • 1968 में यहां एशिया का पहला चुकंदर से चीनी बनाने का संयंत्र स्थापित किया गया।
  • यहां शराब बनाने के कारखाने की भी स्थापना की गई।
  • यह सार्वजनिक क्षेत्र उद्यम है।

तीसरा कारखाना 

  • केशोरायपाटन शुगर मिल्स, बुंदी,1965
  • यह सहकारी क्षेत्र उद्यम है।

वनस्पति घी उद्योग 

प्रथम कारखाना

  • स्थापना- भीलवाड़ा,1964
  • 15 जुलाई 2011 को एग्रो फूड पार्क कोटा में प्रथम मिल्क पाउडर उद्योग की स्थापना की गई।

2) खनिज आधारित 

  • वे उद्योग जिनमें कच्चा माल खनिजों से प्राप्त होता है।

सीमेंट उद्योग

  • यह राजस्थान का खनिज आधारित सबसे बड़ा उद्योग है।
  • यह पूर्णतः निजी क्षेत्र में कार्यरत है।
  • राजस्थान में सीमेंट बनाने की सर्वाधिक कारखाने - चित्तौड़गढ़
  • राजस्थान में सर्वाधिक सीमेंट का उत्पादन - चित्तौड़गढ़
  • भारत में सर्वाधिक सीमेंट का उत्पादन - राजस्थान

राजस्थान के सीमेंट के कारखाने

प्रथम कारखाना 

  • स्थापना- लाखेरी, बुंदी, 1915
  • उद्यम- ए सी सी सीमेन्ट 
  • जेके सीमेंट - निम्बाहेड़ा, चित्तौड़गढ़ 
  • लाफार्ज सीमेंट - निम्बाहेड़ा, चित्तौड़गढ़ 
  • अल्ट्राटेक सीमेंट - कोठपुतली, जयपुर 
  • श्रीराम सीमेंट - श्रीरामनगर, कोटा 
  • श्री सीमेंट- ब्यावर, अजमेर 
  • राजश्री सीमेंट - खारिया मीठापुर, नागौर 
  • मंगलम सीमेंट - मोडक, कोटा 
  • माही सीमेन्ट- बांसवाडा 
  • हिन्दुस्तान सीमेंट - उदयपुर 
  • बिनानी सीमेन्ट - सिरोही 
  • चेतक सीमेन्ट- चित्तौड़गढ़ 
  • बिडला सीमेन्ट - चित्तौड़गढ़ 
  • त्रिशुल सीमेन्ट- सवाई माधोपुर 

राजस्थान मे सफेद सीमेन्ट के कारखाने

  • जे के व्हाईट सीमेन्ट- गोटन, नागौर (1984)
  • बिडला व्हाइट सीमेन्ट- खारिया खंगार, जोधपुर 
  • अंबुजा व्हाइट सीमेन्ट- मुण्डवा, नागौर 

काँच उद्योग 

  • राजस्थान मे काँच बनाने के कारखाने
  • द हाईटेक प्रिसिजन ग्लास फैक्ट्री - धौलपुर
  • धौलपुर ग्लास फैक्ट्री- धौलपुर 
  • सैमकोर ग्लास फैक्ट्री- कोटा
  • सैंट गोबैन ग्लास फैक्ट्री - कहरानी, अलवर

संगमरमर 

  • राजस्थान में सर्वाधिक संगमरमर राजसमंद में पाया जाता है।
  • राजस्थान में सर्वाधिक संगमरमर प्रोसेसिंग इकाइयां राजसमंद में है।
  • राजस्थान में संगमरमर मूर्ति उद्योग जयपुर मे है।
  • जयपुर में संगमरमर मूर्ति उद्योग को बढ़ावा देने के लिए रीको द्वारा C-DOS की स्थापना की गई है।
  • राजस्थान में संगमरमर मंडी किशनगढ़ (अजमेर) में है।

रत्न आभूषण उद्योग 

  • यह जयपुर का प्रसिद्ध उद्योग है।
  • एशिया की सबसे बड़ी पन्ना मंडी जयपुर में स्थित है।

अभ्रक ईट उद्योग 

  • राजस्थान में एकमात्र अभ्रक ईट उद्योग भीलवाड़ा में स्थित है।
  • माइकासाइट -अभ्रक के चूर्ण से चद्दर बनाना

3) रसायन आधारित 

रासायनिक खाद बनाने के उद्योग

  • श्रीराम फर्टिलाइजर - कोटा (प्रथम कारखाना)
  • चंबल फर्टिलाइजर्स - गढापान, कोटा
  • राजस्थान राष्ट्रीय केमिकल एंड फर्टिलाइजर - कपासन, चित्तौड़गढ़ 
  • झामर कोटडा फर्टिलाइजर - उदयपुर
  • जीवन ज्योति फर्टिलाइजर - कोटा

नमक उद्योग 

  • साल्ट मॉडल मंडी नावा (नागौर) में स्थित है।

राजस्थान में नमक उत्पादन के कारखाने

सांभर साल्ट लिमिटेड - सांभर, जयपुर, 1960

  • 1964 में ऐसी भारत सरकार द्वारा अधिग्रहण कर लिया गया एवं इसका नाम बदलकर हिंदुस्तान सांभर साल्ट लिमिटेड कर दिया गया।

राजस्थान साल्ट एण्ड केमिकल्स - डीडवाना, नागौर 

राजस्थान साल्ट लिमिटेड- पंचपदरा, बाड़मेर 

4) अन्य उद्योग 
  • पानी के पंप - लूणकरणसर बीकानेर
  • कृषि औजार - गजसिंहपुरा गंगानगर
  • बीजली के मीटर - जयपुर 
  • खेलकूद सामग्री- हनुमानगढ 
  • कृषि मशीनरी - नागौर

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