". मौर्य काल ~ Rajasthan Preparation

मौर्य काल


मौर्य साम्राज्य (Mourya Dynesty) (323 ईपू से 185 ईपू)

मौर्य साम्राज्य का संस्थापक- चन्द्रगुप्त मौर्य (323 ईपू से 298 ईपू)

चन्द्रगुप्त मौर्य 

  • इसने अपने गुरु चाणक्य की सहायता से घनानन्द को मारकर मगध मे मौर्य वंश की स्थापना की।
  • उपनाम- एन्ड्रोकोट्स, सेन्ड्रोकोट्स
  • चन्द्रगुप्त मौर्य ने सेल्यूकस निकेटर की पुत्री हेलेना के साथ विवाह किया इस विवाह को भारत का पहला अंतरराष्ट्रीय विवाह कहा जाता है।

सेल्यूकस ने चार प्रांत चन्द्रगुप्त मौर्य को दहेज में दिया।

  1. पेरोपेनिसडाई (काबुल)
  2. अराकोशिया (कंधार)
  3. जेड्रोशिया (ब्लूचिस्तान)
  4. हेरात (एरिया)
  • चंद्रगुप्त मौर्य ने 500 हाथी सेल्यूकस को उपहार में दिए।
  • सेल्यूकस ने मैगस्थनीज को राजदुत बनाकर भेजा यह भारत में नियुक्त प्रथम विदेशी राजदूत था।
  • इंडिका  ग्रंथ की रचना मेगस्थनीज ने की।
  • 300 ईसा पूर्व में इसी के शासनकाल में प्रथम जैन संगीति का आयोजन पाटलिपुत्र में किया गया।
  • चंद्रगुप्त मौर्य के शासनकाल में भयंकर अकाल के कारण सौराष्ट्र के राज्यपाल पुष्यगुप्त वैश्य की सहायता से इसने सुदर्शन झील का निर्माण करवाया।
  • विशाखदत्त के मुद्राराक्षस ग्रंथ के अनुसार इसने हिमालय प्रदेश के शासक पर्वतक से संधि की।
  • जीवन के अंतिम दिनो मे यह दिगंबर जैन धर्म के मुनि हो गए यह अंतिम शासक थे जो जैन मुनि बने।
  • 298 ईसा पूर्व में चंद्रगुप्त मौर्य जैन मुनि भद्रबाहु के साथ श्रवणबेलगोला (कर्नाटक) चले गए यही चंद्रगीर पहाड़ी पर इन्होने उपवास द्वारा देहत्याग किया।

बिन्दुसार (298ईपू - 273 ईपू)

  • पिता- चन्द्रगुप्त मौर्य 
  • माता - दुर्धरा 
  • उपनाम - अमित्रघात, अमित्रोकेटस, सिंहसेन
  • इसे भारत का प्रथम सिजेरियन शासक कहा जाता है।
  • यह मोगली पुत्र गोसाई के आजीवक धर्म का अनुयायी था।
  • इसके 101 पुत्र थे जिसमे सबसे बड़ा पुत्र सुषीम था।
  • अशोक भी इसका पुत्र था।
  • इसके शासनकाल मे गांधार मे दो बार विद्रोह हुआ, पहली बार सुषीम के कुशासन के कारण हुआ जिसका दमन करने सुषीम को भेजा किंतु असफल रहा, दुसरी बार अशोक को भेजा यह सफल रहा।
  • बिन्दुसार को महान पिता का पुत्र एवं महान पुत्र का पिता कहा जाता है।
  • इसके दरबार मे मैगस्थनीज का उत्तराधिकारी डाइमेकस भी था।
  • इन्होने सीरिया के सम्राट एंटिओकस प्रथम को पत्र लिखकर शराब व सोफिस्ट भेजने का निवेदन किया जवाब मे उन्होने शराब भेजना स्वीकार किया किंतु सोफिस्ट के लिए कहा की युनानी विधान के अनुसार सोफिस्ट का क्रय विक्रय नही होता।

अशोक (273 ईपू - 232 ईपू)

  • अशोक ने 4 वर्षो तक उत्तराधिकार युद्ध लडा व अपने 99 भाईयो को मारकर राजा बना। इसने अपने छोटे भाई तिस्ता को जीवित छोड दिया।
  • पुरा नाम - देवनामप्रिय सम्राट अशोक 
  • पिता- बिन्दुसार
  • माता - सुभद्रांगी या धर्मा

कंलिंग का युद्ध- 261 ईसा पूर्व 

  • हाथीगुम्फा अभिलेख के अनुसार इस युद्ध में अशोक ने नंदराज को पराजित किया। 
  • यह युद्ध अशोक के जीवन का अंतिम युद्ध माना जाता है।
  • पहले अशोक शैव धर्म का अनुयायी था किंतु जीवन के अंतिम दिनों में वाह बौद्ध धर्म का उपासक बन गया।
  • कल्हण द्वारा रचित राजतरंगिणी ग्रंथ के अनुसार अशोक ने झेलम नदी के किनारे श्रीनगर नामक शहर की स्थापना की।
  • अशोक ने अपने पुत्र महेंद्र वह पुत्री संघमित्रा को बौद्ध धर्म के प्रचार के लिए श्रीलंका भेजा।
  • अशोक की रानी तिस्साराखा ने बोधि वृक्ष को कटवा दिया।
  • इसे बौद्ध धर्म की शिक्षा नीग्रोध नामक बौद्ध भिक्षु ने दी।
  • इसके शासनकाल में पाटलिपुत्र में तृतीय बौद्ध संगति का आयोजन किया गया।

अशोक के अभिलेख

  • सर्वप्रथम खोज - 1750
  • लिपि - ब्रह्मी, खरोष्ठी, ग्रीक व आरमेइक
  • भाषा - प्राकृत 
  • अशोक के अभिलेखो मे सर्वप्रथम मेरठ का स्तंभ लेख कि खोज टी फेन्थेलर ने ढुंढा।
  • अशोक के अभिलेखों को सर्वप्रथम 1837 में जेम्स प्रिंसेस ने पढ़ा था।

अशोक के 8 वृहद शिलालेख प्राप्त हुए।

  • शाहबाजगढी (पाकिस्तान)
  • मानसेहरा (पाकिस्तान)
  • कालसी (उत्तराखंड)
  • सोपारा (महाराष्ट्र)
  • एर्रेगुडी (आंध्रप्रदेश) - ब्रुस्टोफेदन लिपि
  • जोगढ (उडीसा)
  • गिरनार (गुजरात)
  • धौली (उडीसा)

स्तम्भ लेख

वृहद स्तम्भ लेख - 7

  • मेरठ
  • टोपरा
  • अरराज 
  • नंदनगढ
  • रामपुरवा 
  • प्रयाग

लघु स्तम्भ लेख- 5 

सांची (मध्य प्रदेश)
सारनाथ (उत्तर प्रदेश)
  • यह आधुनिक भारत का प्रतीक चिन्ह है।
  • इस पर चार सिंह, हाथी, घोडा व बैल उत्कीर्ण है।
  • इसमे 32 तिल्लीया है।

कौशांबी (उत्तर प्रदेश)

रूम्मिनदेई (नेपाल)

निगल्वासागर (नेपाल)

वृहद्रथ मौर्य वंश का अंतिम शासक था।

No comments:

Post a Comment

Comment us