". राजस्थान:महल ~ Rajasthan Preparation

राजस्थान:महल


राजस्थान के प्रमुख महल

महल - राज परिवार के निवास स्थल को महल कहा जाता है।

राजस्थान मे महलो कि नगरी - उदयपुर 

राजस्थान मे जल महलो कि नगरी- डीग(भरतपुर)

मारवाड़ का जलमहल- बाटाडु का कुँआ(बाडमेर)


राजस्थान के प्रमुख महल निम्न है।

उदयपुर के प्रमुख महल

राजमहल - उदयपुर 

  • इसका निर्माण 1559 मे महाराणा उदयसिंह द्वारा करवाया गया।
  • इसे उदयपुर का चन्द्रमहल (city palace) कहा जाता है।
  • फर्ग्युसन ने इसकी तुलना विंडसर महल से कि है।
  • इस महल के दो भाग है मर्दाना कक्ष और जनाना कक्ष 
  • मर्दाना कक्ष मे दो महल है - दिलखुश महल एवं मोती महल इसी मोती महल मे महाराणा प्रताप का भाला रखा हुआ है।
  • जनाना कक्ष में भी दो महल है - श्रृंगार महल व नकारा महल

सज्जनगढ पैलेस- उदयपुर 

  • यह बंसधरा पहाड़ी पर स्थित है।
  • इसका निर्माण महाराणा सज्जनसिंह ने शुरू किया एवं इसका कुछ कार्य फतहसिंह ने करवाया लेकिन यह पूर्ण रूप से भुपालसिंह के समय मे बनकर तैयार हुआ।
  • उपनाम - वाणी महल, उदयपुर का मुकुटमणि, गुलाब उद्यान महल, मानसुन पैलेस
  • यह फतहसागर झील के किनारे स्थित है।

जग मंदिर 

इस महल का निर्माण महाराणा कर्णसिंह ने 1620 मे शुरू करवाया व जगत सिंह प्रथम ने 1651 मे इसे पूर्ण करवाया। 
यह पिछोला झील मे स्थित है।

जगतनिवास महल 

  • यह महल पिछोला झील मे स्थित है।
  • इसका निर्माण महाराणा जगतसिह द्वितीय ने 1746 मे करवाया।
  • वर्तमान में इसमे lake palace hotel संचालित है।
  • धौला महल - पिछौला झील मे ही धौला महल भी स्थित है।

जयपुर के प्रमुख महल

हवामहल - जयपुर

  • उपनाम - जयपुर का एयरपोर्ट, जयपुर का रजवाडी महल, अर्दवृत्ताकार महल
  • निर्माण- हवामहल का निर्माण सवाई प्रतापसिंह ने 1799 मे करवाया था। इसका निर्माण रानियो को गणगौर व तीज कि सवारी दिखाने हेतु करवाया गया। यह महल बिना किसी नींव के चुना व बलुआ पत्थरों से निर्मित है। 
  • वास्तुकार- लालचन्द उस्ता
  • हवामहल में कुल खिडकिया - 953
  • हवामहल में कुल झरोखे - 365/363
  • हवामहल कि ऊँचाई- 88 ft
  • यह पाँच मंजिला महल है।
  • मंजिल व                         उनके नाम 
  • प्रथम                       शरद मंदिर या प्रताप मंदिर
  • दुसरी                              रतन मन्दिर
  • तीसरी                             विचित्र मंदिर 
  • चौथी                              प्रकाश मंदिर 
  • पांचवी                             हवा मन्दिर 
  • इसे राजस्थान का टोलामी/भुतिया महल कहा गया है।
  • 1983 मे यहाँ संग्रहालय स्थापित कर लिया गया।
  • कर्नल जेम्स टाॅड ने हवामहल कि आकृति भगवान श्रीकृष्ण के मुकुट के समान बताई है।
  • एडविन अर्नोल्ड ने हवामहल के लिए कहा कि अलादिन का जीन भी इतने सुन्दर महल का निर्माण नहीं कर सकता है।

चन्द्र महल/City Palace - जयपुर 

  • इसका निर्माण 1729-1732 के मध्य सवाई जयसिंह ने करवाया था।
  • वास्तुकार- पंडित विद्याधर
  • इस महल मे सजावट का कार्य मानसिंह द्वितीय ने AH मूलर के हाथों करवाया।
  • मुबारक महल - चन्द्र महल मे माधोसिंह द्वितीय द्वारा 1900 मे मुबारक महल का निर्माण करवाया गया इसे जयपुर का सबसे नवीनतम महल माना जाता है।
  • पोथीखाना - चन्द्र महल मे ही पोथीखाना स्थित है जिसमे जयपुर के ग्रंथो का संग्रह किया गया है।
  • इस महल मे ईश्वरी सिंह कि छतरी बनी हुई है।
  • गंगोज कलश- इनका निर्माण माधोसिंह द्वितीय ने करवाया था यह विश्व के दो सबसे बडे चाँदी से निर्मित पात्र है इन कलशो का नाम गिनीज बुक मे भी शामिल है।
  • विश्व का सबसे बड़ा चोगा चन्द्र महल मे है।
  • विश्व का सबसे प्राचीन आतमसुख भी इसी महल मे है।
  • यह 7 मंजिला महल है।
  • मंजिल व               उनके नाम
  • पहली                  चन्द्रमहल
  • दुसरी                   सुख महल 
  • तीसरी                  रंगमहल
  • चौथी                   शोभा महल
  • पांचवी                 छवि महल 
  • छठी                    श्री निवास महल 
  • सातवी                 मुकुट महल 

जल महल - जयपुर 

  • जलमहल मानसरोवर झील मे स्थित है।
  • जलमहलो का निर्माण अश्वमेघ यज्ञ मे आमंत्रित ब्राहम्णो के निवास हेतु सवाई जयसिंह द्वारा करवाया गया।

अल्बर्ट हाॅल - जयपुर 

  • यह रामनिवास बाग जयपुर में स्थित है रामनिवास बाग का निर्माण रामसिंह द्वितीय ने करवाया था रामनिवास को जयपुर कि ह्रदयस्थली कहा जाता है।
  • इसका निर्माण रामसिंह द्वितीय द्वारा 1876 मे प्रिंस अल्बर्ट के स्वागत के लिए करवाया गया।
  • वास्तुकार- जैकब स्वींटन
  • यह राजस्थान का प्रथम संग्रहालय है।
  • इसका उद्घाटन 1887 मे माधोसिंह द्वितीय के काल मे तत्कालीन एजीजी ब्रेडफोर्ड के हाथों किया गया।
  • यह इण्डो फारसी शैली मे निर्मित है।
  • इस महल कि तुलना कनाडियन महल विल्स ऑफ कैप्टा से कि जाती है।

रामबाग पैलेस- जयपुर 

  • इसका निर्माण रामसिंह द्वितीय द्वारा करवाया गया।

सिसोदिया रानी का महल- जयपुर

  • इसका निर्माण सवाई जयसिंह ने रानी चन्द्राकंवर के लिए करवाया।

एक समान नौ महल - जयपुर 

  • इसका निर्माण सवाई माधोसिंह द्वितीय ने नाहरगढ़ दुर्ग मे करवाया था।
  • यह विक्टोरिया शैली में निर्मित महल है।
  • युरोपीय यात्री विसेंट स्मिथ ने इन महलो को विश्व का आठवा आश्चर्य कहा।

सामोद महल - जयपुर 

  • इसका निर्माण भारमल/बिहारीमल ने करवाया।
  • इस महल मे शीशमहल बना हुआ है जिसका निर्माण शिवसिंह ने करवाया था।
  • इस महल के पास पहाड़ी पर हनुमान मंदिर बना हुआ है जहाँ 25 मई 2019 को राजस्थान का चौथा व नवींनतम रोप वे स्थापित किया गया है है।

जोधपुर के प्रमुख महल

उम्मेद भवन - जोधपुर 

  • निर्माण- इसका निर्माण उम्मेद सिंह ने अकाल राहत कार्य हेतु 1928 से 1941 के मध्य करवाया गया। इसे बनने मे कुल 13 बर्ष लगे थे।
  • वास्तुकार- लांचेस्टर एवं जेकब स्वींटन 
  • इसे छीतर पैलेस भी कहा जाता है।
  • यह विश्व का सबसे बड़ा रैवासी महल है।
  • इस महल मे कुल 347 कमरे है।

अजीत भवन - जोधपुर 

  • निर्माण- इसका निर्माण जोधपुर के प्रधानमंत्री सर अजीतसिंह द्वारा करवाया गया।
  • यह भारत का पहला हेरिटेज होटल है।

राईका बाग पैलेस- जोधपुर 

  • इसका निर्माण 1663 मे जसवंत सिंह प्रथम कि रानी जसवंत दे ने करवाया था।
  • स्वामी दयानंद सरस्वती ने अपने जीवन के अंतिम उपदेश राईका बाग पैलेस मे दिए थे।

एक थम्बा महल - जोधपुर 

  • निर्माण- अजीतसिंह ने
  • इसे प्रहरी महल एवं झाली झरोखो का महल कहते है।

जसवंत थडा - जोधपुर 

  • 1906 मे सरदार सिंह द्वारा जसवंत सिंह द्वितीय कि स्मृति में इस महल का निर्माण करवाया।
  • इसे राजस्थान का ताजमहल कहा जाता है।

डुंगरपुर के प्रमुख महल

एक थम्बिया महल - डूंगरपुर 

  • निर्माण- शिवसिंह ने
  • इसे वागड का उम्मेद भवन भी कहा जाता है।

जुनामहल - डूंगरपुर 

  • यह महल गेबसागर झील के पास घनाभा पहाडी पर स्थित है।
  • इसका निर्माण रावल वीरसिंह ने करवाया था।
  • शुभचन्द ने इस महल को डूंगरपुर कि राजधानी कहा है।

उदय विलास पैलेस 

बादल महल - कुंभलगढ (राजसमन्द)

  • इसी महल मे 09 मई 1540 को महाराणा प्रताप का जन्म हुआ था।

बादल महल - नागौर 

  • इसे कलात्मक एवं वास्तविक बादल महल कहा जाता है।
अजमेर के प्रमुख महल

रूठी रानी का महल - अजमेर 

  • इसका निर्माण शाहजहां ने नूरजहाँ के लिए करवाया था।

कोटा के प्रमुख महल

अबली मीणी का महल - कोटा

  • इसका निर्माण मुकुंद सिंह हाडा द्वारा मुकुंदरा कि पहाडिय़ों पर करवाया।
  • कर्नल जेम्स टाॅड ने इसे मिनी(छोटा) ताजमहल कहा है।

अभेडा महल - कोटा

छात्र विलास महल / जग मंदिर 

झालावाड़ के प्रमुख महल

काष्ठमहल - झालावाड़ 

  • इसका निर्माण वन शोध संस्थान देहरादून द्वारा किया गया। इसे झालावाड़ शासक राजेन्द्र सिंह ने 1936 मे लखनऊ प्रदर्शनी से खरीदकर झालावाड़ में स्थापित करवा लिया।
  • इसे रेन बसेरा भी कहा जाता है।

गढ भवन पैलेस - झालावाड़ 

  • निर्माण  - मदनसिंह

खेतडी महल - झुंझनूं 

  • इसे शेखावाटी का हवामहल एवं राजस्थान का दुसरा हवामहल भी कहा जाता है।
  • इसे राजस्थान का भूल भूलैया महल भी कहा जाता है।
  • इसका निर्माण भुपालसिंह द्वारा ग्रीष्मकालीन निवास हेतु करवाया गया।
  • इस महल कि छत लकडी से निर्मित है।
  • यह चन्द्राकार महल है।

भरतपुर के प्रमुख महल

डीग के जलमहल

  • इनका निर्माण महाराजा सूरजमल जाट ने करवाया।
  • इन महलो के कारण डीग को जलमहलों की नागरी कहा जाता है।

बीकानेर के प्रमुख महल

लालगढ पैलेस - बीकानेर 

  • इसका निर्माण बीकानेर के महाराजा गंगासिंह ने अपने पिता लालसिंह कि स्मृति में करवाया।

बादल महल - बीकानेर 

  • यह बादल महल सोने व चांदी की नक्काशी हेतु विख्यात है।

अलवर के प्रमुख महल

सरिस्का पैलेस - अलवर

  • अलवर शासक जयसिंह द्वारा ड्यूक ऑफ एडिनबर्ग को शिकार खेलाने हेतु इसका निर्माण करवाया।

विजय मंदिर पैलेस - अलवर

सिटी पैलेस - अलवर 

भीलवाड़ा के प्रमुख महल

बनेडा महल - भीलवाड़ा 

  • बनेडा महल का निर्माण सरदार सिंह द्वारा करवाया गया।

रूठी रानी महल - मांडलगढ (भीलवाड़ा) व रूठी रानी महल- पाली

  • इन दोनों का संबंध रूठी रानी उमादे से है उमादे राव लुणकरण कि पुत्री व जोधपुर महाराजा मालदेव कि पत्नि थी।
  • राजस्थान इतिहास कि एकमात्र महासती रानी उमादे को कहा जाता है।

सुख महल - बूंदी 

केसर विलास - सिरोही 

स्वरूप विलास - सिरोही 

फतेह प्रकाश महल - चित्तौड़गढ़ 

पद्मिनी महल - चित्तौड़गढ़

No comments:

Post a Comment

Comment us